“आज बस तुम”

फ़रवरी 08, 2026
  “आज बस तुम” आज गुलाब भी शर्माए, जब तुम मेरी तरफ़ मुस्कराए। पंखुड़ियों में क़ैद जो न हो पाए, वो ख़ुशबू तुम साथ लाए। हथेली में गुलाब रख...Read More

“गुलाब सा तुम”

फ़रवरी 08, 2026
  “गुलाब सा तुम” काँटों की भीड़ में खिलता, एक गुलाब सा तुमसे मिलना है। बिन कहे जो सब कह जाए, वो एहसास सा तुमसे मिलना है। रंग तुम्हारे ह...Read More

" चीनी मांझा "

फ़रवरी 07, 2026
  चीनी मांझा आसमान में हँसती पतंग, नीचे सिसकता शहर है। एक धागा जो खेल था कभी, आज मौत का ज़हर है। उँगलियों से फिसलती डोर, गले पर लिख गई...Read More

मदर ऑफ ऑल डील

जनवरी 28, 2026
  मदर ऑफ ऑल डील काग़ज़ पर स्याही चमकी, मंच पर ताली गूँजी, नाम बड़ा था सौदे का, आवाज़ बहुत ऊँची। कहा गया—इतिहास बदलेगा, दुनिया नई बनेगी, ...Read More

गणतंत्र का सूरज

जनवरी 27, 2026
  गणतंत्र  का सूरज लाल किले से नहीं, हर दिल से उठी आवाज़ है, 26 जनवरी सिर्फ़ तारीख़ नहीं, संविधान का जीवित राज़ है। कलम से लिखी आज़ादी...Read More

“आज का ज्ञान”

जनवरी 19, 2026
  “आज का ज्ञान” सुबह उठे तो मोबाइल बोला – “भाई साहब, पहले मुझे टटोला।” दाँत बाद में, चाय भी बाद में, पहले देखा किसने स्टेटस डाला 😄 माँ...Read More