🌺 माँ कालरात्रि 🌺

घोर अँधेरा जब छा जाए,
मन भय से भर जाए,
तब प्रकट होती हो माँ तुम,
दुष्टों का संहार कर जाए।

काली काया, विकराल रूप,
नेत्रों में ज्वाला जलती है,
तेरे नाम से ही माँ,
हर बाधा दूर निकलती है।

अश्व पर सवार वीरांगना,
हाथों में अस्त्र सजाए,
भक्तों की रक्षा को माँ,
तू हर संकट से लड़ जाए।

भय का नाम मिटा देती,
अंधकार को हर लेती,
तेरी कृपा की एक किरण,
जीवन में उजियारा भर देती।

हे माँ कालरात्रि!
तुम शक्ति का सागर हो,
तेरे चरणों में जो झुके,
उसका जीवन उज्ज्वल कर दो।

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