“क्या तुम मेरा कल बनोगे?”

आज सवाल है होंठों पर,
पर जवाब मेरी हर साँस जानती है।
तुम्हारे बिना अधूरी हूँ मैं,
ये बात मेरी ख़ामोशी मानती है।

हाथ थामकर बस इतना कहना है,
साथ चलोगे क्या उम्र भर?
हर ख़ुशी तुम्हारे नाम लिख दूँ,
हर दर्द बाँट लूँ पल भर में ही अगर।

ना वादों का बोझ, ना शर्तों का डर,
बस सच्चा सा एक इक़रार चाहिए।
इस दिल के हर सफ़े पर
तुम्हारा ही नाम लिखना है, क्या तुम तैयार हो मेरे लिए?

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