“क्या तुम मेरा कल बनोगे?” फ़रवरी 08, 2026 “क्या तुम मेरा कल बनोगे?” आज सवाल है होंठों पर, पर जवाब मेरी हर साँस जानती है। तुम्हारे बिना अधूरी हूँ मैं, ये बात मेरी ख़ामोशी मानती ...Read More
“आज बस तुम” फ़रवरी 08, 2026 “आज बस तुम” आज गुलाब भी शर्माए, जब तुम मेरी तरफ़ मुस्कराए। पंखुड़ियों में क़ैद जो न हो पाए, वो ख़ुशबू तुम साथ लाए। हथेली में गुलाब रख...Read More
“गुलाब सा तुम” फ़रवरी 08, 2026 “गुलाब सा तुम” काँटों की भीड़ में खिलता, एक गुलाब सा तुमसे मिलना है। बिन कहे जो सब कह जाए, वो एहसास सा तुमसे मिलना है। रंग तुम्हारे ह...Read More
" चीनी मांझा " फ़रवरी 07, 2026 चीनी मांझा आसमान में हँसती पतंग, नीचे सिसकता शहर है। एक धागा जो खेल था कभी, आज मौत का ज़हर है। उँगलियों से फिसलती डोर, गले पर लिख गई...Read More