“ख़ामोशियों की आवाज़” दिसंबर 30, 2025 “ख़ामोशियों की आवाज़” कुछ शब्द होंठों तक आकर ख़ामोशी में ढल जाते हैं, कुछ सपने आँखों में रहकर नींद से पहले जल जाते हैं। हर रोज़ हँसते...Read More
"मेरी क्रिसमस" दिसंबर 25, 2025 मेरी क्रिसमस सर्द हवा में घुली दुआएँ, घंटियों की मधुर तान, मोमबत्ती की लौ में चमके इंसानियत की पहचान। क्रिसमस ट्री पर टंगी उम्मीदें, ...Read More
अब कैसे छूटी राम रट लागी दिसंबर 24, 2025 अब कैसे छूटी राम रट लागी अब कैसे छूटी राम रट लागी, साँस-साँस में नाम समा गी। दुनिया बोली—छोड़ दे सब कुछ, पर मन ने राम से प्रीत निभा गी...Read More
"अरावली की वाणी" दिसंबर 23, 2025 अरावली की वाणी पत्थरों की छाती पर लिखा समय का मौन इतिहास, अरावली खड़ी है आज भी लिए युगों का विश्वास। जब धरती नवयौवना थी, जब नदियाँ ब...Read More
"खामोश चीखें" दिसंबर 22, 2025 खामोश चीखें धुएँ में लिपटा एक मंदिर खड़ा है, ईश्वर भी आज पत्थर-सा जड़ है। टूटी मूर्ति, जली हुई आस्था, किससे पूछे—ये कैसा शहर है? माँ ...Read More
“ख़ामोशियों का शोर” दिसंबर 21, 2025 “ख़ामोशियों का शोर” कुछ बातें शब्दों में नहीं ढलती, वो आँखों की नमी में बह जाती हैं। कुछ एहसास आवाज़ नहीं मांगते, वो दिल की धड़कन में ...Read More
"लिंक” की तलाश" दिसंबर 19, 2025 “लिंक” की तलाश हर मैसेज में पहला सवाल, “भाई MMS का लिंक दे डाल।” न किताब से न ज्ञान से नाता, बस उँगली स्क्रॉल, दिमाग़ खाली थैला। न शर...Read More
“कुछ ख़ामोश एहसास” दिसंबर 17, 2025 “कुछ ख़ामोश एहसास” कुछ एहसास शब्दों से नहीं, निगाहों से कहे जाते हैं, जो होंठों तक कभी आते नहीं, वो सीधे दिल में उतर जाते हैं। कभी बा...Read More
“खामोशियों का इकरार” दिसंबर 17, 2025 “खामोशियों का इकरार” कुछ बातें लफ़्ज़ों में कही नहीं जातीं, कुछ दर्द आवाज़ मांगते नहीं। दिल की गलियों में चुपचाप रहते हैं, और आँखें उन...Read More
"सिंहासन और सवाल" दिसंबर 13, 2025 सिंहासन और सवाल वोट की गली में फिर से, वादों का मेला सजा है, हर चेहरे पर मुस्कान नई, पर आँखों में वही पुराना मज़ा है। मंच से गिरते है...Read More
🎬 YouTube पर पैसे कमाने की दौड़: कोशिशें हज़ार, कमाई ज़ीरो – एक सच्ची डिजिटल कहानी दिसंबर 12, 2025 🎬 YouTube पर पैसे कमाने की दौड़: कोशिशें हज़ार, कमाई ज़ीरो – एक सच्ची डिजिटल कहानी आज का दौर डिजिटल क्रिएटर्स का है। हर कोई YouTube पर अ...Read More
"तेरी हँसी " दिसंबर 11, 2025तेरी हँसी में छुपा है मेरे दिल का सुकून, जैसे चाँदनी में घुल जाए कोई मीठा सा जूनून। तेरी बातों में है बारिश की पहली खुशबू, जो छू ले दिल को...Read More
" मेरे पड़ोसी का दिमाग " दिसंबर 10, 2025मेरे पड़ोसी का दिमाग भी कमाल की चीज़ है, कभी चलता ही नहीं, फिर भी कहता—"तेज़ है!" एक दिन बोला, “मैं जिम जॉइन कर आया,” पर फोटो मे...Read More
"तुम्हारी आंखें" दिसंबर 10, 2025तेरी आँखों में जब से अपना नाम दिखा है, दिल ने हर धड़कन को बस तुझ पे मुकाम लिखा है। हवा के हर झोंके में तेरी खुशबू का एहसास है, साँसों के द...Read More
"तुम्हारी यादों का मौसम" दिसंबर 07, 2025 तुम्हारी यादों का मौसम आज फिर बरस पड़ा, दिल के आँगन में खामोशी का गुलाब खिल पड़ा। रात भर जागकर चाँद से बस इतना पूछा मैंने— कब लौटेगी वो...Read More
“मन की खिड़की” दिसंबर 02, 2025मन की खिड़की खोल के देखो, कितनी धूप पड़ी है अंदर, कल तक जिस पर धूल जमी थी, आज वही चमक रहा है अंबर। छोटे-छोटे सपनों की कच्ची इक सीढ़ी सी ...Read More